UGC NET Re-Exam: UGC-NET जून 2026 की परीक्षा में प्रश्नपत्रों से जुड़ी गड़बड़ियों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने स्तर पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव शुरू कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, एजेंसी ने 50 से ज्यादा कर्मचारियों को हटाया है। इसके साथ ही परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम पदों पर विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है। री-एग्जाम के ऐलान के बाद छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किए थे। 10 अहम पदों पर होगी भर्ती शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, NTA ने संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए CTO, CFO, CISO, परीक्षा सुरक्षा के महाप्रबंधक समेत करीब 10 प्रमुख पदों पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की है। एजेंसी साइबर सिक्योरिटी, प्रश्नपत्र तैयार करने, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और साइकोमेट्रिक्स जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञों को भी जोड़ने की तैयारी कर रही है। उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। परीक्षा सुरक्षा पर बढ़ेगी निगरानी शिक्षा मंत्रालय की बैठक में परीक्षा के गोपनीय संचालन, सुरक्षित कमरों, एयर-गैप्ड कंप्यूटर सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा केंद्रों पर जमा कराने जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। NTA को पूरी परीक्षा प्रक्रिया का व्यापक ऑडिट कराने और सुधारों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। UGC-NET जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों के लिए आयोजित हुई थी। अब अंग्रेजी और कॉमर्स की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर, जबकि सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को होगी। UGC-NET के जरिए JRF, असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और PhD में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया जाता है। छात्र संगठनों से लेकर विपक्ष तक विरोध री-एग्जाम के फैसले के बाद NSUI, SFI, AISA और KYS समेत कई छात्र संगठनों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर NTA को जवाबदेह बनाने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। ABVP ने भी छात्रों के भविष्य से समझौता न करने की बात कही। विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने NTA के नेतृत्व को जवाबदेह ठहराने की मांग की, जबकि आम आदमी पार्टी ने कहा कि परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों का सीधा असर छात्रों के समय, पैसे और करियर पर पड़ता है। ये भी पढ़ें: UGC NET के तीन पेपर रद्द, अब NTA की गलती का भुगतान करेंगे छात्र?